पाक मूर्ख है, हमने अरबों डॉलर दिए लेकिन उसने लादेन के बारे में नहीं बताया
डोनाल्ड ट्रम्प ने एकबार फिर पाकिस्तान पर निशाना साधा। ट्रम्प ने कहा कि पाक मूर्ख है। अमेरिका ने अरबों डॉलर दिए लेकिन पाक ने कभी भी यह नहीं बताया कि ओसामा बिन लादेन उनके देश में छिपा हुआ था। ट्रम्प ने पाक को सैन्य मदद रोके जाने का बचाव करते हुए कहा कि इस्लामाबाद आतंकवाद खत्म करने के लिए खास कदम नहीं उठा रहा।
ट्रम्प के मुताबिक, "पाकिस्तान को हम लंबे वक्त तक अरबों डॉलर नहीं दे सकते। वह हमारा पैसा ले लेगा और बदले में कुछ नहीं करेगा। लादेन इसका उदाहरण है। अफगानिस्तान मामले में भी आप यही देख सकते हैं। पाकिस्तान उन कई देशों में से एक है जो अमेरिका को बिना कुछ दिए काफी कुछ लेता है। लेकिन हम यह सब खत्म कर चुके हैं।'' ट्रम्प ने इसी साल एक जनवरी को ट्वीट कर पाक को दी जाने वाली सुरक्षा और सैन्य मदद खत्म करने की बात कही थी।
अमेरिकी पैसे का दुरुपयोग करता है पाक
ट्रम्प का विश्वास है कि आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में पाकिस्तान एक असंतुष्ट सहायक की भूमिका में है। वह हमारे पैसे का दुरुपयोग करता है। बिन लादेन को 2011 में एबटाबाद में जिस वक्त मारा गया, उससे पहले ही पकड़ा जा सकता था। 9/11 हमले के पहले एक अपनी एक किताब लादेन के बारे में चर्चा की थी। पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन उसे मारने से चूक गए थे।
निरंकारी भवन में हुए आतंकी हमले में इस्तेमाल हैंड ग्रेनेड पाकिस्तानी आर्मी ऑर्डिनेंस फैक्टरी में बना था। इस एचजी-84 ग्रेनेड का इस्तेमाल पाक आर्मी करती है। यह खुलासा पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को किया। उन्होंने बताया कि इस हमले के पीछे सीमा पार की ताकतों का हाथ हो सकता है। हमले में 3 तीनों की मौत हो गई थी और 21 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे।
अमरिंदर सिंह ने कहा कि हमले के पीछे पाकिस्तानी एजेंसियां और वहां बैठे खालिस्तानी समर्थक आतंकियों का हाथ हो सकता है। आईएसआई से मदद पाने वाले खालिस्तानी या कश्मीरी टेरेरिस्ट ग्रुप का मकसद इस तरह का हमला कर आतंक फैलाना है। 31 अक्टूबर को पटियाला से पकड़े गए खालिस्तान गदर फोर्स के आतंकी शबनमदीप से भी ऐसा ही ग्रेनेड मिला था। कैप्टन सोमवार दोपहर बाद 3:08 बजे अदलीवाल रोड स्थित निरंकारी भवन का जायजा लेने पहुंचे थे। कैप्टन के पहुंचने से पहले ही वहां मौजूद एनआईए की तीन सदस्यीय टीम ने उन्हें ग्रेनेड के टुकड़े भी दिखाए।
कैसे किया था हमला : अमृतसर एयरपोर्ट से मात्र तीन किलोमीटर दूर राजासांसी में अदलीवाल गांव रोड पर स्थित सत्संग भवन पर रविवार सुबह 11:15 ग्रेनेड से हमला किया गया था। काले रंग की बिना नंबर पल्सर पर सवार दो नकाबपोश भवन में घुसे और स्टेज पर बैठे लोगों की तरफ ग्रेनेड फेंककर भाग निकले। उस वक्त सत्संग में करीब 200 लोग मौजूद थे। हमले में तीन लोगों की मौत हो गई। इनमें 17 साल का संदीप भी शामिल था। वहीं, 21 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए।
आसपास के पंप से पेट्रोल भराने की आशंका :
पल्सर 220 सीसी बाइक के फ्यूल टैंक की कैपेसिटी 15 लीटर होती है। बाइक की एवरेज 30 से 32 किमी है। आशंका है कि हमले से पहले या बाद में इन्होंने किसी पंप से पेट्रोल जरूर डलवाया हाेगा। खुफिया एजेंसियां इस थ्योरी पर भी काम कर रही हैं।
दिड़बा में शबनम का एक साथी अरेस्ट :
पुलिस ने खालिस्तान गदर फोर्स के सदस्य शबनमदीप सिंह के साथी जतिंद्र सिंह उर्फ बिंदर को दिड़बा से पकड़ा है। आरोप है कि वह भी पंजाब, राजस्थान और हरियाणा में दहशत फैलाने वाली कई घटनाओं समेत देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा है।
ट्रम्प के मुताबिक, "पाकिस्तान को हम लंबे वक्त तक अरबों डॉलर नहीं दे सकते। वह हमारा पैसा ले लेगा और बदले में कुछ नहीं करेगा। लादेन इसका उदाहरण है। अफगानिस्तान मामले में भी आप यही देख सकते हैं। पाकिस्तान उन कई देशों में से एक है जो अमेरिका को बिना कुछ दिए काफी कुछ लेता है। लेकिन हम यह सब खत्म कर चुके हैं।'' ट्रम्प ने इसी साल एक जनवरी को ट्वीट कर पाक को दी जाने वाली सुरक्षा और सैन्य मदद खत्म करने की बात कही थी।
अमेरिकी पैसे का दुरुपयोग करता है पाक
ट्रम्प का विश्वास है कि आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में पाकिस्तान एक असंतुष्ट सहायक की भूमिका में है। वह हमारे पैसे का दुरुपयोग करता है। बिन लादेन को 2011 में एबटाबाद में जिस वक्त मारा गया, उससे पहले ही पकड़ा जा सकता था। 9/11 हमले के पहले एक अपनी एक किताब लादेन के बारे में चर्चा की थी। पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन उसे मारने से चूक गए थे।
निरंकारी भवन में हुए आतंकी हमले में इस्तेमाल हैंड ग्रेनेड पाकिस्तानी आर्मी ऑर्डिनेंस फैक्टरी में बना था। इस एचजी-84 ग्रेनेड का इस्तेमाल पाक आर्मी करती है। यह खुलासा पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को किया। उन्होंने बताया कि इस हमले के पीछे सीमा पार की ताकतों का हाथ हो सकता है। हमले में 3 तीनों की मौत हो गई थी और 21 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे।
अमरिंदर सिंह ने कहा कि हमले के पीछे पाकिस्तानी एजेंसियां और वहां बैठे खालिस्तानी समर्थक आतंकियों का हाथ हो सकता है। आईएसआई से मदद पाने वाले खालिस्तानी या कश्मीरी टेरेरिस्ट ग्रुप का मकसद इस तरह का हमला कर आतंक फैलाना है। 31 अक्टूबर को पटियाला से पकड़े गए खालिस्तान गदर फोर्स के आतंकी शबनमदीप से भी ऐसा ही ग्रेनेड मिला था। कैप्टन सोमवार दोपहर बाद 3:08 बजे अदलीवाल रोड स्थित निरंकारी भवन का जायजा लेने पहुंचे थे। कैप्टन के पहुंचने से पहले ही वहां मौजूद एनआईए की तीन सदस्यीय टीम ने उन्हें ग्रेनेड के टुकड़े भी दिखाए।
कैसे किया था हमला : अमृतसर एयरपोर्ट से मात्र तीन किलोमीटर दूर राजासांसी में अदलीवाल गांव रोड पर स्थित सत्संग भवन पर रविवार सुबह 11:15 ग्रेनेड से हमला किया गया था। काले रंग की बिना नंबर पल्सर पर सवार दो नकाबपोश भवन में घुसे और स्टेज पर बैठे लोगों की तरफ ग्रेनेड फेंककर भाग निकले। उस वक्त सत्संग में करीब 200 लोग मौजूद थे। हमले में तीन लोगों की मौत हो गई। इनमें 17 साल का संदीप भी शामिल था। वहीं, 21 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए।
आसपास के पंप से पेट्रोल भराने की आशंका :
पल्सर 220 सीसी बाइक के फ्यूल टैंक की कैपेसिटी 15 लीटर होती है। बाइक की एवरेज 30 से 32 किमी है। आशंका है कि हमले से पहले या बाद में इन्होंने किसी पंप से पेट्रोल जरूर डलवाया हाेगा। खुफिया एजेंसियां इस थ्योरी पर भी काम कर रही हैं।
दिड़बा में शबनम का एक साथी अरेस्ट :
पुलिस ने खालिस्तान गदर फोर्स के सदस्य शबनमदीप सिंह के साथी जतिंद्र सिंह उर्फ बिंदर को दिड़बा से पकड़ा है। आरोप है कि वह भी पंजाब, राजस्थान और हरियाणा में दहशत फैलाने वाली कई घटनाओं समेत देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा है।
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